नगर निगम में भ्रष्टाचार के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन, धरना भी दिया

6

निगम की संपत्ति बेचने के खिलाफ आंदोलन की दी चेतावनी, महापौर और निगम प्रशासन की निंदा

भरतपुर। शहर के कुछ पार्षदों, राजनेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सोमवार को नगर निगम के दरवाजे पर धरना दिया। धरने का आयोजन महापौर और निगम प्रशासन की अनियमितताओं और भ्रष्टचार कि विरोध में किया गया। भरतपुर बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले दिए गए धरने में शहर बेचने की कवायद और कोष का दुरुपयोग सात दिन में नहीं रुकने की स्थिति में आंदोलन चलाए जाने की चेतावनी दी गई। धरने में समिति अध्यक्ष हरभान सिंह ने कहा कि मेयर के सभी कार्यों में भ्रष्टाचार है।

पूर्व पार्षद गिरधारी तिवारी ने कहा कि निगम व्यवसायी बन गया है। शहर में लूट मचा रखी है। सौरभ धाऊ पूर्व पार्षद ने कहा कि दो साल में कोई विकास नहीं हुआ। पूर्व पार्षद गिरधारी गुप्ता ने कहा कि मेयर से जनता की जो उम्मीदें थी वह धूमिल हो गई हैं। नेता प्रतिपक्ष कपिल फौजदार ने कहा कि शहर की जमीनों को किसी भी कीमत पर बिकने नहीं देंगे, चाहे किसी भी हद तक जाना पड़े।

पार्षद दीपक मुद्गल ने कहा कि मेयर योजनाबद्ध तरीके से अपने स्वयं के आर्थिक फायदे वाली योजना लागू करना चाहते हैं, जनता के हितों से कोई सरोकार नहीं। यह संघर्ष समिति की जीत है कि सफाई प्रस्ताव पर मेयर को घर-घर जाकर पार्षदों से मनुहार करनी पड़ी और शराब व दबाव से सदन में मत प्राप्त किए। पार्षद शैलेश पाराशर ने कहा कि मेयर की तुगलकी योजनाओं के कारण शहर में कांग्रेस का जनाधार गिरता जा रहा है। सुजान गंगा के विषैले, बदबूदार पानी को बिना साफ करे उसमें वोटिंग जैसी योजनाएं सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का कृत्य है। जनता की जिन्दगी से खेलने का किसी का अधिकार नहीं।

महेन्द्र कटारा ने कहा कि मेयर के विकास फोटो सिर्फ पोस्टरों पर वास्तविकता में जीरो है। पार्षद रूपेंद्र ने कहा कि निगम की गलत नीतियों के कारण धरना देने को मजबूर होना पड़ा है। किशोर सैनी पार्षद ने कहा कि निगम में घुसते ही पहली एकल खिड़की से भ्रष्टाचार प्रारम्भ हो जाता है, स्थिति काफी गंभीर है।

पार्षद दाऊदयाल ने कहा कि सभी वार्डों में विकास कार्य समान रूप से करायें जायें, पक्षपात पूर्ण विकास व्यय स्वीकार्य नहीं। नरेश जाटव पार्षद ने कहा कि जनहित में सफाई ठेके पर महापौर का विरोध करने वाले पार्षदों के वार्डों में विकास कार्यों की फाईलें मेयर रोककर बैठे हैं। पार्षद श्यामसुन्दर गौड ने कहा कि महापौर व्यापारी है। कच्चे डण्डा वालों को आश्वासन देने के बाद भी महापौर पट्टे नहीं दे रहे हैं। कार्यक्रम में नगेन्द्र भारद्धाज, केशव शर्मा, रेखा रानी, शिवानी दायमा, पंकज मित्तल, विष्णु मित्तल, सुधा अनिल शर्मा, सुमन प्रेमपाल, शैलेश कौशिक, चन्द्रभान आदि ने विचार रखे।

यह भी पढ़ें-गोपालपुरा की महिलाएं होंगी सरकारी योजनाओं से लाभान्वित