गुजरात में राजस्थानी प्रवासी महिलाओं ने मनाया श्रावणी तीज का त्यौंहार

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महिलाओं, युवतियों ने हाथों में मेहंदी सजाई और घरों में ही लोकनृत्य समेत कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया

सूरत। राजस्थानी देश-विदेश के किसी भी कोने में बसे हों लेकिन वह अपनी सांस्कृतिक धरोहर और त्यौहारों को भूलते नहीं हैं। वह अपनी जड़ों और संस्कृति से हमेशा जुड़े रहने का प्रयास करते हैं। अपनी मातृभूमि से दूर होने के बावजूद सभी राजस्थानी पुरुष और महिलाएं एक छत के नीचे इकट्ठा होकर त्यौहार मनाते हुए अपनी मातृभूमि की यादों को ताजा करते हैं। गुजरात के सूरत में बसे राजस्थानी प्रवासियों ने भी श्रावणी तीज का त्योहार महिलाओं ने हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस दौरान प्रवासी राजस्थानी महिलाएं और युवतियों के साथ छोटी बच्चियोँ ने भी सज-संवरकर परंपरागत त्योहार में भाग लिया।

इस दौरान महिलाओं, युवतियों व छोटी-छोटी कन्याओं ने हाथों में मेहंदी सजाई और घरों में ही लोकनृत्य समेत अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया था। इसके बाद बुधवार को श्रावणी तीज या छोटी तीज का त्योहार शहर में बसे प्रवासी राजस्थानियों के घरों में घर-परिवार के सदस्यों के बीच धूमधाम से मनाया गया।

छोटी तीज के उपलक्ष में प्रवासी राजस्थानी महिलाओं ने घरों में नई बहु का स्वागत, सिंजारा उत्सव समेत अन्य आयोजन भी किए। इस मौके पर महिलाएं व युवतियां आवासीय क्षेत्र में स्थित गार्डन में झूला झूलने भी गई। अग्रवाल महिला मित्र मंडल, अडाजन की ओर से सावन तीज के उपलक्ष में सावन तीज सिंजारा कार्यक्रम आयोजित किया गया।

मंडल अध्यक्ष चित्रा अग्रवाल ने बताया कि उत्सव के दौरान घूमर नृत्य, नाटिका, गेम्स, हाउजी आदि के आयोजन किए गए। इस मौके पर महिलाएं पारंपरिक परिधान में मौजूद रही। उत्सव के दौरान 16 शृंगार प्रतियोगिता समेत अन्य कई रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।