मांसाहार कई समस्याओं का जनक, शाकाहारी भोजन करना चाहिए : स्वामी महेश्वरानंदजी

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जयपुर। श्याम नगर कीर्ति नगर स्थित ओम विश्व गुरुदीप आश्रम में जयपुर प्रवास के लिए आए जगद्गुरु महामंडलेश्वर स्वामी महेश्वरानन्द पुरी महाराज ने कहा कि आज दुनिया में चारों ओर अशांति का वातावरण व्याप्त है, सच्ची शांति को पाने के लिए हमारा मन अशांत बना हुआ है, सच्ची शांति पाने के लिए अपने जीवन को धर्म और अध्यात्म की ओर मोड़ना चाहिए, जहां हमारा शांति और सुखमय रहेगा, साथ ही शरीर को निरोग बनाने के लिए योगमय बनाना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि भारतीय संस्कृति एक ऐसी संस्कृति है जो सभी के कल्याण की बात करती है, हम सभी को अपनी संस्कृति पर गर्व करना चाहिए कि हमें ऐसी संस्कृति में जी रह रहे हैं जो सभी के कल्याण की बात करती है। विश्वगुरू स्वामी महेश्वरानंदजी ने सत्संग में कहा कि भारत शुरू में शाकाहारी था। लोग कन्दमूल फल आदि खाकर सदा स्वस्थ रहते थे। धीरे धीरे विदेशियों के आगमन से भारतीय लोग भी मांसाहारी बन गए। मांसाहार कई समस्याओं का जनक है। यथासंभव व्यक्ति को शाकाहारी भोजन करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति एक ऐसी संस्कृति है, जो सभी के कल्याण की बात करती है। हम सबको अपनी संस्कृति पर गर्व करना चाहिए कि हम ऐसी संस्कृति में जी रह रहे हैं जो सभी के कल्याण की बात करती है।