ऑटोमोबाइल क्षेत्र की निगाहें बाजार की मांग पर टिकी

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साइबर सिटी के ऑटोमोबाइल क्षेत्र की निगाहें बाजार की मांग पर टिकी हुई हैं। इस क्षेत्र के उद्यमियों का कहना है कि बाजार में वाहनों की मांग जैसे-जैसे बढ़ेगी वैसे-वैसे इस सुधार की गति तेज होगी। गुरुग्राम स्थित देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड की घरेलू बाजार में मांग 1.3 फीसद जुलाई बढ़ी है। ऐसे में वाहनों के कारोबार पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दो माह ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। दोपहिया वाहनों के उत्पादन के मामले में काफी तेजी से सुधार हो रहा है। इनसे जुड़े उद्योगों को लगभग शत प्रतिशत शेड्यूल मिलने लगा है।

ऑटोमाबाइल क्षेत्र कोरोना महामारी के असर से धीरे-धीरे उबरने लगा है। बड़ी वाहन निर्माता कंपनियों की ओर से बड़ी अपनी सहायक कंपनियों को अब अधिक से अधिक शेड्यूल मिलने लगा है। यदि दोपहिया वाहनों के बारे में बात की जाए तो सहायक कंपनियों को शत प्रतिशत शेड्यूल मिल रहा है। ऐसे में उद्यमियों का कहना है कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि सितंबर-अक्टूबर से स्थिति और बेहतर होंगी। ऑटोमोबाइल क्षेत्र से संबंधित एक कंपनी के महाप्रबंधक विनय प्रसाद का कहना है कि अभी बाजार में दोपहिया वाहनों की बढ़ रही है।

दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया लिमिटेड द्वारा इसी साल की जुलाई में 3,09,332 दोपहिया वाहनों की बिक्री की है। जो जून, 2020 के मुकाबले जुलाई में दोपहिया वाहनों की बिक्री का विकास दर 53 फीसद रहा। वहीं होंडा ने निर्यात के मामले में भी सुधार किया है। जहां जून, 2020 में 8042 दोपहिया वाहनों का निर्यात हुआ था। वहीं जुलाई, 2020 में जो बढ़कर 12,251 इकाई तक पहुंच गया है। सुप्रीम रबर के निदेशक मनोज जैन का कहना है कि वाहन निर्माता कंपनियों से सहायक कंपनियों को ऑर्डर मिलने की गति बढ़ी है।

ऑटोमोबाइल क्षेत्र के उद्यमियों की निगाहें बाजार की मांग पर टिकी हुई हैं। मांग में इजाफा होने से वाहनों के उत्पादन में गतिशीलता आएगी। यदि दोपहिया वाहनों की बात की जाए तो इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है। वाहन निर्माता कंपनियों द्वारा सहायक कंपनियों को भरपूर शेड्यूल दिए जा रहे हैं।
केके गांधी, चेयरमैन,
राहुल वायर एवं उपाध्यक्ष,
इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एसोसिएशन