जोधपुर स्थापना दिवस पर विशेष: देश नहीं पूरी दुनिया में है पहचान, जानिए इस शहर की विशेषता ओर इतिहास

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जोधपुर स्थापना दिवस, jodhpur foundation day
जोधपुर स्थापना दिवस, jodhpur foundation day

राजस्थान की सूर्यनगरी, सनसिटी यानि जोधपुर शहर आज अपना 562वां स्थापना दिवस मना रहा है। जोधपुर पर्यटन, व्यापार ओर अपनी निर्माण शैली के कारण पूरे विश्व में पहचाना जाता है। विश्व पर्यटन के मानचित्र पर जोधपुर का नाम स्थित है। हर वर्ष यहां लाखों की संख्या में देशी और विदेशी सैलानी आते हैं। राजशाही के दौर में जोधपुर एक बहुत बड़ी और ताकतवर रियासत मानी जाती थी।

जोधपुर पर्यटन, व्यापार ओर अपनी निर्माण शैली के कारण पूरे विश्व में पहचाना जाता है।

जोधपुर आज राजस्थान राज्य और भारत का सबसे तेजी से उभरता, विकसित होता शहर है। जोधपुर ऐतिहासिक रूप से मारवाड़ राज्य की राजधानी था, जो अब राजस्थान का एक बड़ा हिस्सा है। जोधपुर एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, जिसमें कई महल, किले और मंदिर हैं, जो थार रेगिस्तान के आदर्श परिदृश्य में स्थापित हैं। यह राजस्थान और पूरे भारत में लोगों के बीच ब्लू सिटी और सन सिटी के रूप में जाना जाता है। शहर को राजस्थान राज्य की सांस्कृतिक राजधानी भी कहा जाता है।

जोधपुर: देश नहीं पूरी दुनिया में है पहचान

पुराना शहर मेहरानगढ़ किले को घेरे हुए है और कई मुख्य रास्ते वाली एक दीवार से घिरा है। पुराने शहर के घर आमतौर पर नीले रंग से पेंट किए हुए मिलेंगे। इसकी एक वजह सांस्कृतिक या विरासत का रूप है ओर एक गर्मी से बचने के लिए घरों को ठंडा रखने के लिए भी ऐसा किया जाता है क्योंकि, यह पेंट चूने के मिश्रण से रंगा होता है। हालांकि, जोधपुर शहर अब बड़ा विस्तार ले चुका है। चारदिवारी से निकलकर अब शहर एक महानगर का रूप ले चुका है ओर तरक्की ओर विकास की और अग्रसर है।

जोधपुर ने राज्य और देश के राजस्व में अपनी बड़ी हिस्सेदारी देकर अपना दंभ बरकरार रखा है।

यह शहर कई शैक्षणिक संस्थानों का घर भी है, जिनमें सबसे प्रमुख एम्स जोधपुर, आईआईटी जोधपुर, एसएनएमसी जोधपुर, डीएसआरआरएयू जोधपुर, एनएलयू जोधपुर, एनआईएफटी जोधपुर हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ( ISRO), रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO), केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (CAZRI ), शुष्क वन अनुसंधान संस्थान (AFRI), डेजर्ट मेडिसिन रिसर्च सेंटर ( DMRC) जैसे कई शोध संस्थान ) शहर में भी स्थित हैं।

जोधपुर ब्लू वाल: पुराने शहर के घर आमतौर पर नीले रंग से पेंट किए हुए मिलेंगे।

जोधपुर शहर की स्थापना 1459 में राठौड़ वंश के राजपूत प्रमुख राव जोधा ने की थी। जोधा आसपास के क्षेत्र को जीतने में सफल रहे और इस तरह एक राज्य की स्थापना हुई जिसे मारवाड़ के नाम से जाना जाने लगा। 1581 में राव चंद्रसेन राठौड़ की मृत्यु के बाद, राज्य पर मुगल सम्राट अकबर द्वारा कब्जा कर लिया। मुगलों के शासन के बावजूद भी जोधपुर अपनी प्रगति के पथ पर निरंतर चलता रहा।

जोधपुर ऐतिहासिक रूप से मारवाड़ राज्य की राजधानी था, जो अब राजस्थान का एक बड़ा हिस्सा है।

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जोधपुर ने अपनी कला और वास्तुकला की नई शैलियों से देश और दुनिया भर में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई और स्थानीय व्यापारियों के लिए पूरे उत्तर भारत में अपनी पहचान बनाने के अवसर खुल गए क्योंकि, शहर दिल्ली को गुजरात से जोडऩे वाली मुख्य सडक़ पर स्थित था।

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जोधपुर तांबा, रेशम, चंदन, खजूर और अन्य वस्तुओं के व्यापार के लिए जाना गया ओर व्यापारिक दृष्टि से भी फलता फूलता गया। इसके अलावा जोधपुर से निकले कई व्यापारियों ने देश और दुनिया में काफी नाम कमाया है ओर शहर का नाम रोशन किया है। जोधपुर शहर के मूल निवासी कई उद्योगपति देश ओर विदेश की अर्थव्यवस्था के मजबूत स्तम्भ माने जाते हैं और दुनिया के शीर्ष उद्योगपतियों में उनकी गिनती होती है। जोधपुर ने राज्य और देश के राजस्व में अपनी बड़ी हिस्सेदारी देकर अपना दंभ बरकरार रखा है।

जोधपुर ब्लू वाल: पुराने शहर के घर आमतौर पर नीले रंग से पेंट किए हुए मिलेंगे। इसकी एक वजह सांस्कृतिक या विरासत का रूप है ओर एक गर्मी से बचने के लिए घरों को ठंडा रखने के लिए भी ऐसा किया जाता है क्योंकि, यह पेंट चूने के मिश्रण से रंगा होता है।

1947 में, जब भारत स्वतंत्र हुआ, राज्य संघ में विलय हो गया और जोधपुर राजस्थान का दूसरा सबसे बड़ा शहर बन गया। हालांकि, विभाजन के समय, जोधपुर के शासक, हनवंत सिंह, भारत में शामिल नहीं होना चाहते थे, लेकिन आखिरकार, सरदार वल्लभभाई पटेल (स्वतंत्र भारत के पहले गृहमंत्री) के काफी मनुहार ओर समझाइश के बाद जोधपुर राज्य को भारतीय गणतंत्र में शामिल किया गया था। बाद में राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के बाद इसे राजस्थान राज्य के भीतर शामिल किया गया।

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जोधपुर शहर के मूल निवासी कई उद्योगपति देश ओर विदेश की अर्थव्यवस्था के मजबूत स्तम्भ माने जाते हैं

राजस्थान के वर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर के स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई दी है। एक ट्वीट में अशोक गहलोत ने कहा, सन सिटी के स्थापना दिवस पर जोधपुर के लोगों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। जोधपुर अपने समृद्ध इतिहास, संस्कृति और अपने नागरिकों की वीरता, संकल्पशीलता और उदारता के लिए जाना जाता है। ऐतिहासिक शहर की महिमा और प्रसिद्धि हर किसी के जीवन में खुशी को बढ़ा सकती है। जोधपुर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का जन्मस्थान भी है।