राजस्थान को बदनाम करने का हक किसी को नहीं : गहलोत

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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया और विपक्षी दलों को सोशल मीडिया के माध्यम से राजस्थान को बदनाम नहीं करने की नसीहत दी

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया और विपक्षी दलों को सोशल मीडिया के माध्यम से राजस्थान को बदनाम नहीं करने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि किसी को बदनाम करना आसान काम है, लेकिन एक बार कोई बदनाम हो जाता है तो उसे ठीक करने में सालों लगते हैं। इसलिए सच्चाई का साथ दो, ताकि सरकार अच्छे ढंग से क्राइम कंट्रोल कर सके।

मुख्यमंत्री गहलोत सोमवार को मोबाइल इन्वेस्टिगेशन यूनिट के शुभारम्भ के मौके पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। मोबाइल इन्वेस्टिगेशन यूनिट शुरू करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को सीएमओ में इस मोबाइल यूनिट वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मोबाइल इन्वेस्टिगेशन यूनिट देशभर में सबसे पहले राजस्थान में ही शुरू की गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के अनुसार केंद्र सरकार ने राजस्थान में हुए इस नवाचार की सराहना की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह 10 करोड़ का प्रोजेक्ट है, जिसमे इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर इस गाड़ी को ऑन स्पॉट ले जा सकेगा और गवाहों को इसमें बैठा कर ऑन स्पॉट गवाही लेकर रिकॉर्डिंग पर चढ़ा सकेगा। यह एक प्रकार का नया कंसेप्ट है, इसकी शुरुआत राजस्थान से हुई है। यहां सफल होने पर भारत सरकार इसे अन्य राज्यों में भी शुरू करेगी। इस प्रकार की 71 गाडिय़ां राजस्थान में तैयार हो चुकी हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ ही गृह राज्य मंत्री राजेंद्र यादव, शिक्षा मंत्री डॉक्टर बी डी कल्ला और वरिष्ठ नेता महादेव सिंह खंडेला और पुलिस महानिदेशक एम एल लाठर सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में क्राइम कंट्रोल हुआ है, लेकिन विपक्षी दल जानबूझकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि रेप के 49 प्रतिशत मामले झूठे साबित होते हैं। मीडिया वाले रेप की घटनाओं को तो खूब उठाते हैं, लेकिन जो मामले झूठे साबित होते हैं उन्हें वापस नहीं दिखाते। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अलवर सहित कुछ घटनाक्रम के उदाहरण भी दिए। गहलोत ने कहा केवल रेप हुआ है, लेकिन यह पता नहीं कि रेप हुआ है या नहीं। बाद में जांच के बाद पता चलता है रेप हुआ नहीं तो जिस परिवार के लिए मीडिया में समाचार छपता है और जिसे अभियुक्त बना दिया जाता है, उन परिवारों पर क्या बीतती है यह भी देखना चाहिए। मीडिया यदि सच्चाई की राह पकड़ कर खबरें दिखाए तो हमें भी खुशी होती है।

गहलोत ने एक बड़े मीडिया ग्रुप का नाम लेकर यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने जब से इस ग्रुप पर छापे की कार्रवाई की है तब से बहुत कुछ बदलाव आ गया। इस दौरान गहलोत ने बाड़ी उपखंड में डिस्कॉम एईएन व जेईएन के साथ हुई मारपीट की घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मीडिया ने लिखा कि इंजीनियर को मारपीट में 22 जगह से हड्डियां टूट गई जबकि एक्सरे रिपोर्ट में छह से सात जगह ही हड्डियां टूटी हैं। मीडिया भी ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ अपना काम करें।

मुख्यमंत्री गहलोत ने हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के दौरे को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि ये आग लगाने के लिए यहां आते हैं। ये पूरे देश में आग लगा रहे हैं। देश में बहुत खतरनाक दौर चल रहा है। ये संविधान की धज्जियां उड़ा रहे हैं। देश के अंदर इन्होंने हिंदू-मुस्लिम कर दिया। क्या हम हिंदू नहीं है? हमें हिंदू होने का गर्व है। महात्मा गांधी ने भी कहा था कि हिंदू होने का मुझे गर्व है। दूसरे धर्म का भी मान-सम्मान करना चाहिए। प्रधानमंत्री को चाहिए कि आगे आकर राष्ट्र को संबोधित करें। हिंसा की निंदा करें। देश में कानून का राज स्थापित रहे।