हैवी ट्रैफिक से जल्द लोगों को मिलेगी राहत, दक्षिण रिंग रोड पर ट्रेफिक संचालन शुरू

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जयपुर। जयपुर शहर में चलने वाले हैवी ट्रेफिक से जल्द लोगों को निजात मिलने वाली है। अजमेर रोड से आगरा रोड को जोडऩे वाली दक्षिण रिंग रोड पर नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया यानी एनएचएआई ने ट्रेफिक संचालन शुरू करवा दिया है।

अब अजमेर की तरफ से जयपुर होकर आगरा, भरतपुर जाने वाले लोगों को जयपुर शहर के बीच में से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। वहीं भरतपुर, आगरा, मथुरा की ओर से आने वाले वाहन चालकों को भी अजमेर जाने की राह आसान हो जाएगी।

शहर में ट्रेफिक दबाव होगा कम

रिंग रोड पर ट्रेफिक शुरू होने से अब जयपुर में प्रतिदिन औसतन 10 हजार से ज्यादा छोटे—बडे वाहनों का दबाव कम हो जाएगा। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अजय कुमार आर्य ने बताया कि दीपावाली पर करीब 10,500 वाहनों का संचालन रिंग रोड से हुआ, जिसमें आधे से ज्यादा भारी वाहन रहे।

उन्होने बताया कि जैसे—जैसे समय निकलेगा यहां से वाहनों का मूवमेंट और बढेगा। उन्होने बताया कि हमारा अनुमान है कि आने वाले समय में जयपुर शहर के बीच से लगभग 20 हजार वाहनों का मूवमेंट कम हो जाएगा।

इन कॉलोनी के लोगों को मिलेगी राहत

रिंग रोड के बनने से सबसे ज्यादा राहत मानसरोवर, पृथ्वीराज नगर दक्षिण, मालवीय नगर, मॉडल टाउन, जगतपुरा, खो—नागोरियान और इंदिरा गांधी नगर सहित अन्य कॉलोनियों के निवासियों को मिलेगी। क्योंकि रिंग रोड नहीं बनने से पहले अजमेर रोड से आगरा रोड और आगरा रोड से अजमेर की तरफ आने—जाने वाला हैवी ट्रेफिक शहर के बीच में से इन्ही क्षेत्रों से होकर गुजरता है।

2012 में हुआ था काम शुरू

इस परियोजना की नींव गहलोत के दूसरे शासनकाल में साल 2012 में नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने रखी थी। उस समय इस प्रोजेक्ट को जेडीए को बनाना था, लेकिन वसुंधरा सरकार आने के बाद इसका काम एनएचएआई को दे दिया।

साल 2019 में केन्द्रीय सडक परिवहन मंत्री नीतिन गडकरी ने जनवरी में इसका शुभारम्भ किया था, लेकिन तब प्रोजेक्ट कुछ काम रह गया था। अब एनएचएआई ने इस प्रोजेक्ट को पूरा कर दीपावली से यहां यातायात संचालन शुरू करवा दिया।