संतुलित पोषण थाली से सुपोषण पर प्रशिक्षण

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बूंदी। कृषि विज्ञान केन्द्र पर पोषण अभियान-2021 के तहत संतुलित न्यूट्री थाली पर एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षक डॉ घनश्याम मीना ने महिलाओं को सम्बोधित करते हुए पोषण की महत्ता एवं संतुलित आहार के बारे में जानकारी दी एवं वैश्विक महामारी कोविड-19 (कोरोना वायरस) से बचाव में संतुलित पोषण आहार की उपयोगिता के साथ ही न्यूट्री गार्डन में वर्मी कम्पोस्ट की महत्ता के बारे में बताया।

उन्होंने बताया कि किस प्रकार घरेलू अपशिष्ट पदार्थों का न्यूट्री गार्डन में प्रयोग कर भूमि की उर्वरा क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। साथ ही फसलों में बायोफार्टीफाइड किस्मों के जानकारी दी जिनसे रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। पशुओं के लिए संतुलित आहार के बारे में भी जानकारी दी।

प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. कमला महाजनी, गृह विज्ञान विशेषज्ञ ने अडानी फाउन्डेशन से आई हुई साथिन महिलाओं को न्यूट्री थाली के प्रदर्शन के साथ उनमें पाये जाने वाले पोषक तत्वों के महत्व के बारे में बताया। खाद्य पदार्थों का प्रदर्शन कर खाद्य पदार्थ जैसे अनाज, दाल, फल-सब्जियाँ, दूध व दूध से बने पदार्थ, के बारे में विस्तृत जानकारी दी जिससे विटामिन, कैल्शियम व आयरन की कमी पूर्ति की जा सके।

उन्होंने कहा कि पोषण वाटिका से घर में सब्जियाँ लगा कर इन सब्जियों को घर में काम लेकर परिवार के पोषण को सुधारा जा सकता है। इस हेतु प्रत्येक घर में गृहवाटिका लगायी जावे जिससे गर्भवती, धात्री व किशोरी बालिकाओं के पोषण स्तर में सुधार हो सके। साथ ही न्यूट्री थाली में तिरंगा भोजन शामिल करने को कहा।

कोरोना काल में अपने स्वास्थ्य को ठीक रखने हेतु इम्यूनिटी बूस्टर के बारे में जानकारी दी व बताया कि शरीर में प्रोटीन व कैल्शियम व विटामिन बी-12 की पूर्ति दुग्ध व दुग्ध से बने पदार्थों से होती है। उद्यान वैज्ञानिक इंदिरा यादव ने फलों व सब्जियों की खेती के बारे में जानकारी दी व बगीचों को लगाने का सुझाव दिया। कार्यक्रम में जिले के अडानी फाउन्डेशन की साथिन मोनिका, उषा मालव सहित 40 कृषक महिलाओं ने भाग लिया।

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