जयपुर शहर में सभी किले-महल और पर्यटन स्थलों पर बिजली रोधी यंत्र लगेंगे, बिजली गिरने से आमेर में 11 लोगों की हुई थी मौत

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आमेर महल में बिजली गिरने की घटना और 11 लोगों की मौत के बाद जिस तरह से साधारण ‘तडित चालक यंत्र (लाइटनिंग अरेस्टर) नहीं होने को लेकर सिस्टम की किरकिरी हुई, उससे सबक लिया जा रहा है। अब न केवल आमेर महल बल्कि शहर के सभी किले-महल और पर्यटन स्थलों को बिजली रोधी यंत्र की सुरक्षा देने की प्लानिंग है।

पुरातत्व विभाग की सिफारिश के बाद आमेर विकास प्राधिकरण ने इसके प्रस्ताव तैयार कराए हैं। इसमें आमेर महल में ही 5 तडि़त चालक यंत्र लगाए जाएंगे। इसके अलावा नाहरगढ़ फोर्ट, जंतर-मंतर, हवामहल, ईसरलाट, विद्याधर और सिसोदिया रानी का बाग में भी आकाशीय बिजली रोकने के लिए 26 यंत्र लगाने के प्रस्ताव हैं। जानकारी हो कि भास्कर ने ही इस ओर प्रमुखता से हालात उजागर किए थे।

लापरवाही इतनी कि 2013 में एक आमेर महल में तडि़त चालक यंत्र लगाया गया था जबकि तब 5 की जरूरत थी। इसके लिए लगातार मांग भी होती रही, लेकिन पावणों के लिए पलक पावड़े बिछाने की बात करने वाला सिस्टम उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करा पाया।

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