बड़बोले पड़ोसी पर महंगाई की मार, 10 हजार में मिल रहा सिलेंडर

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पाकिस्तान मेंं महंगाई की मार
पाकिस्तान मेंं महंगाई की मार

आसमान छू रहे चिकन-रोटी के दाम

भारत को परमाणु बम की धौंस दिखाने वाले बड़बोले पड़ोसी पाकिस्तान में आर्थिक हालात विकट होते जा रहे हैं। देश में विदेशी मुद्रा भंडार की लगातार होती कमी के बीच अब आम पाकिस्तानी जरूरी चीजें भी नहीं जुटा पा रहे हैं। लोगों की क्रय शक्ति लगतार घट रही है। हालत इस मुकाम पर पहुंच गए हैं कि सरकार ने बिजली और पेट्रोलियम पदार्थों को बचाने के लिए बाजारों को जल्दी बंद करने का फैसला लिया है। वर्ष 2020 में जो बदहाली के हालात श्रीलंका में दिखे थे वहीं हालात अब पाकिस्तान के भी होते जा रहे हैं।

पाकिस्तान मेंं महंगाई की मार
पाकिस्तान मेंं महंगाई की मार

प्त दिसंबर महीने में महंगाई दर 24.5त्न पर पहुंची

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने भी स्वीकार लिया है कि देश कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा है। पेट्रोल-डीजल, खाने पीने का सामान, रसोई गैस और बिजली की भी किल्लत पैदा हो गई है। देश में महंगाई आसमान छू रही है। पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स की ओर से बीते सोमवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार अनुसार देश में सीपीआई आधारित मुद्रास्फीति की दर दिसंबर 2022 में बढ़कर 24.5 फीसदी पर पहुंच गई। एक साल पहले इसी अवधि में यह 12.3 प्रतिशत थी। रिपोर्ट के अनुसार अधिकांश जरूरी सामान आम लोगों की पहुंच से दूर होते जा रहे हैं। मीडिया रिपोट्र्स के अनुसार महंगाई दर वित्त मंत्रालय के लक्ष्य 21 से 23 फीसदी से अधिक है।

खाद्य पदार्थों की कीमतों में 56 फीसदी का इजाफा

महज दिसंबर महीने में ही खाद्य पदार्थ एक चौथाई से अधिक महंगे हो गए हैं। जरूरी खाद्य पदार्थों की कीमतों में 55.93 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह स्थिति मांग और आपूर्ति में कमी के कारण है। बीते एक वर्षों में प्याज की कीमतों में 415 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। वहीं पिछले साल की तुलना में चाय 64 प्रतिशत और गेहूं 58 फीसदी तक महंगा हुआ है। घी और खाद्य तेलों की कीमतों में 32 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली है। वहीं दूध और चावल क्रमश: 26त्न और 47त्न तक महंगे हो गए हैं।

चिकन 650 से 700 रुपये प्रति किलो तक पहुंचा

पाकिस्तान में महंगाई की मार मादक पेय पदार्थों और तम्बाकूजन्य पदार्थों की कीमतों पर भी पड़ी हैं जो लगभग 35 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं। जबकि कपड़ों और जूतों की कीमतों में 17.22 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हमारे बड़बोले पड़ोसी देश में हालात इतने खराब हो गए हैं पाकिस्तान में चिकन 650-700 रुपये प्रति किलो तक बिकने लगा है। जानकारों के मुताबिक यही हालात जारी रहे तो आने वाले दिनों में ये 800 रुपये प्रति किलो पर पहुंच सकता है।

10 हजार रुपये में मिल रहा एक रसोई गैस सिलेंडर

एलपीजी गैस की बात करें तो एक कमर्शियल गैस सिलेंडर 10000 पाकिस्तानी रुपये में मिल रहा है। मजबूरी में लोग खतरा मोल लेकर प्लास्टिक बैग्स में गैस भरवा कर इस्तेमाल कर रहे हैं। इस कारण रोजाना बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़़े हादसे होने के कारण घायल हो रहे हैं। बता दें कि ये हालात उसी पाकिस्तान के हैं जहां के राजनेता अपनी शेखी बघारने के लिए भारत को परमाणु बम तक की धमकी देते रहते हैं। अब हालात हैं कि वे नेता अपने देश में लोगों को खाने का अनाज भी सही ढंग से मुहैया नहीं करवा पा रहे हैं।

बिजली बचाने के लिए बाजारों व मैरिज हॉलों को जल्दी बंद करने का फरमान

नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने ऊर्जा खपत रोकने केलिए मंगलवार को बाजारों और शादी-विवाह हॉलों को जल्द बंद करने की घोषणा की है। बिजली की खपत पर लगाम लगाने और आयातित तेल पर निर्भरता कम करने के लिए राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण योजना को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा, “बाजार रात 8.30 बजे बंद हो जाएंगे, जबकि शादी के हॉल रात 10.00 बजे तक बंद हो जाएंगे, इससे हमें 60 अरब रुपये की बचत होगी”।

बल्ब और पंखों का उत्पादन भी होगा बंद

उपायों की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि एक फरवरी से अधिक बिजली खपत वाले बल्बों का निर्माण बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा जुलाई महीने से अधिक बिजली खपत वाले पंखों का उत्पादन भी बंद कर दिया जाएगा। इन उपायों से 22 अरब रुपये की और बचत होगी।

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