मोदी-शाह मिलकर शुरू करेंगे जनकपुर-अयोध्या ट्रेन सेवा

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह 23 से 25 नवंबर तक भारत दौरे पर आ सकते हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चार अहम परियोजनाओं का संयुक्त उद्घाटन प्रस्तावित है। इनमें जनकपुरधाम-अयोध्या रेल सेवा, नेपाल का आधुनिक पुलिस प्रशिक्षण केंद्र, भैरहवा की एकीकृत जांच चौकी और लुंबिनी का बौद्ध विहार शामिल हैं।

  • जनकपुरधाम-अयोध्या के बीच शुरू होगी प्रस्तावित रेल सेवा।
  • मोदी और बालेन्द्र शाह दिल्ली से करेंगे संयुक्त उद्घाटन।
  • भारत-नेपाल सहयोग की चार प्रमुख परियोजनाओं पर रहेगा फोकस।

India-Nepal to Launch Janakpur-Ayodhya Train Service : भारत और नेपाल के बीच धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को नई मजबूती मिलने जा रही है। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की प्रस्तावित भारत यात्रा के दौरान अयोध्या और जनकपुरधाम को रेल मार्ग से जोड़ने वाली सेवा शुरू करने की तैयारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बालेन्द्र शाह नई दिल्ली से ही इस रेल सेवा का संयुक्त उद्घाटन कर सकते हैं।

शाह की 23 से 25 नवंबर तक प्रस्तावित भारत यात्रा के एजेंडे पर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बातचीत चल रही है। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 4 और 5 नवंबर को काठमांडू पहुंचकर नेपाली प्रधानमंत्री की यात्रा से जुड़े मुद्दों पर प्रारंभिक चर्चा की थी।

रेल सेवा शुरू करने से पहले गुरुवार को तकनीकी परीक्षण भी किया गया। भारत की ओर से डब्ल्यूडीपी 4डी 40403 इंजन और 17 डिब्बों वाली ट्रेन अयोध्या से जनकपुरधाम तक भेजी गई। नेपाल रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक, 67 भारतीय तकनीकी विशेषज्ञों ने रेल पटरी, ट्रेन की गति और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

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शुरुआत में यह ट्रेन सप्ताह में एक दिन चलाने की योजना है। प्रस्तावित समय-सारणी के अनुसार, ट्रेन अयोध्या से रवाना होकर अगली सुबह जनकपुरधाम पहुंचेगी। वापसी में जनकपुरधाम से शाम को चलकर अगले दिन सुबह अयोध्या पहुंचने की व्यवस्था प्रस्तावित है। इससे भगवान राम और माता सीता की जन्मभूमियों के बीच धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री शाह की यात्रा के दौरान नेपाल के काभ्रे जिले के पनौती में बन रहे राष्ट्रीय पुलिस प्रशिक्षण प्रतिष्ठान का भी उद्घाटन प्रस्तावित है। भारत की ओर से करीब 10 अरब 1 करोड़ 51 लाख नेपाली रुपये की सहायता से तैयार हो रहे इस केंद्र का 95 प्रतिशत से अधिक निर्माण पूरा हो चुका है। 62 बीघा से अधिक क्षेत्र में 67 भवन और अन्य संरचनाएं विकसित की गई हैं।

इसके अलावा भैरहवा में बन रही एकीकृत जांच चौकी (आईसीपी) भी उद्घाटन के एजेंडे में शामिल है। भारत-नेपाल व्यापार को आसान बनाने के उद्देश्य से तैयार हो रही इस परियोजना का ठेका 161 करोड़ 76 लाख भारतीय रुपये में दिया गया था। यहां आयात के 700 और निर्यात के 300 मालवाहक ट्रकों की पार्किंग की सुविधा विकसित की गई है। हालांकि, उद्घाटन के बाद भी इसे पूरी तरह चालू करने में कुछ महीने लग सकते हैं।

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चौथी परियोजना लुंबिनी में बना कमल के आकार का बौद्ध विहार है। इसका शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मई 2022 में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर नेपाल यात्रा के दौरान किया था। भारत के संस्कृति मंत्रालय के अधीन अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ ने इसका निर्माण कराया है।

चारों परियोजनाओं के संयुक्त उद्घाटन की तैयारी को भारत-नेपाल संबंधों में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खास तौर पर अयोध्या-जनकपुर रेल संपर्क से दोनों देशों के धार्मिक पर्यटन और लोगों के बीच आवाजाही को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

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