दिवाली से पहले दिल्ली-NCR की हवा जहरीली, कई इलाकों में AQI 400 पार
राजधानी में बढ़ते प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता, आईआईटी दिल्ली में एक्यूआई 442 तक पहुंचा। नोएडा के सेक्टर-62 में भी हवा बेहद खराब रही। हालात बिगड़ने पर सीएक्यूएम ने ग्रैप-3 की पाबंदियां लागू कर दी हैं। निर्माण कार्यों, खनन और कई डीजल वाहनों पर रोक लगाई गई है। निजी कंपनियों को वर्क फ्रॉम होम और हाइब्रिड व्यवस्था अपनाने की सलाह दी गई है।
- दिल्ली-NCR में दिवाली से पहले प्रदूषण का स्तर गंभीर, कई जगह AQI 400 पार।
- आईआईटी दिल्ली में 442 और पंजाबी बाग में 433 दर्ज हुआ एक्यूआई।
- ग्रैप-3 लागू, निर्माण कार्यों और कुछ वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध।
Delhi-NCR Air Pollution: AQI Crosses 400 Ahead of Diwali : दिवाली से पहले दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सुबह के समय कई इलाकों में धुंध और जहरीली हवा का असर साफ दिखाई देने लगा है। हालात ऐसे हैं कि राजधानी के कई क्षेत्रों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार पहुंच गया है। बिगड़ती स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने पूरे दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के तीसरे चरण की पाबंदियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, 6 नवंबर को दिल्ली का औसत एक्यूआई 382 था। लेकिन 7 नवंबर की सुबह कई निगरानी केंद्रों पर स्थिति और गंभीर हो गई। आईआईटी दिल्ली में सबसे अधिक 442 एक्यूआई दर्ज किया गया। पंजाबी बाग में 433, मुंडका में 421, रोहिणी में 418, आरके पुरम में 417, सोनिया विहार में 414 और नजफगढ़ में 413 तक प्रदूषण पहुंच गया।
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एनसीआर के नोएडा में भी राहत के संकेत नहीं मिले। सेक्टर-62 में एक्यूआई 415 दर्ज किया गया, जबकि सेक्टर-116 में 287, सेक्टर-125 में 281 और सेक्टर-150 में 230 रहा। आंकड़े बताते हैं कि प्रदूषण का असर केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के शहर भी इसकी चपेट में हैं।
ग्रैप-3 लागू होने के बाद गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर रोक लगा दी गई है। मिट्टी की खुदाई, पाइलिंग, खुले में रेडी मिक्स कंक्रीट प्लांट चलाने और खनन गतिविधियों पर भी प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही दिल्ली और एनसीआर के संबंधित क्षेत्रों में बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल चार पहिया वाहनों के संचालन पर रोक लगाई गई है। आवश्यक सेवाओं को छूट देते हुए डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर भी पाबंदी रहेगी।.
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निजी कंपनियों को कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम या हाइब्रिड व्यवस्था अपनाने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग और आईआईटी के पूर्वानुमान में आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता और बिगड़ने की आशंका जताई गई है। ऐसे में लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलते समय सावधानी बरतने और प्रदूषण से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।



