संकल्प पत्र के 78% वादे पूरे, अब बाकी पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सरकार के दो साल के कामकाज का ब्योरा रखते हुए कहा कि जनता से किए वादों को पूरा करना प्राथमिकता है। राजस्थान में जल परियोजनाओं, बिजली, रोजगार और निवेश के क्षेत्र में तेजी से काम हुआ है। सरकार ने 1.93 लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां दी हैं और करीब नौ लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतारे हैं।
- 78% संकल्प पत्र के वादे पूरे, शेष घोषणाओं पर काम जारी।
- 10 लाख रोजगार का लक्ष्य, 1.93 लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां पूरी।
- 9 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर, सौर ऊर्जा क्षमता 51.6 गीगावाट पहुंची।
Bhajanlal Sharma Highlights 78% Manifesto Progress : राजस्थान में भाजपा सरकार ने अपने चुनावी संकल्प पत्र के करीब 78 प्रतिशत वादे पूरे करने का दावा किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि शेष घोषणाओं और वादों को पूरा करने के लिए भी तेजी से काम चल रहा है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर गांव और शहर तक विकास की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जनता ने जिस भरोसे के साथ सरकार को जिम्मेदारी सौंपी है, उस पर खरा उतरना उनकी प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री गुरुवार को एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में विभिन्न मुद्दों पर बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जल परियोजनाओं, बिजली उत्पादन, रोजगार, निवेश, ग्रामीण विकास और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई सहित सरकार के कामकाज का ब्योरा रखा।
बिजली खरीदने से बेचने तक पहुंचा राजस्थान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राजस्थान की वर्षों से लंबित जल परियोजनाओं को गति मिली है। रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, किशाऊ और नर्मदा परियोजनाओं के जरिए प्रदेश की भविष्य की जल जरूरतों को पूरा करने की दिशा में काम हो रहा है।
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देश में हुए 10 अंतरराज्यीय जल समझौतों में से चार राजस्थान से जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि कर्मभूमि से मातृभूमि और वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान जैसे प्रयासों से भूजल संरक्षण को बढ़ावा मिला है। वहीं, ऊर्जा क्षेत्र में भी प्रदेश की स्थिति मजबूत हुई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, राजस्थान की स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता 51.6 गीगावाट हो चुकी है, जिससे प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। करीब 6 हजार मेगावाट-आवर की बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है। किसानों को 27 जिलों में दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
10 लाख रोजगार का लक्ष्य, नियुक्तियों की प्रक्रिया जारी
युवाओं को रोजगार देने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने चार लाख सरकारी और छह लाख निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। अब तक 1.93 लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। इसके अलावा 1.18 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है, जबकि 70 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की तैयारी की जा रही है।
निजी क्षेत्र में करीब पांच लाख युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं और तीन लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने रोजगार संबंधी वादे को पूरा करने के साथ इससे आगे बढ़ने का प्रयास करेगी।
9 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतरे
मुख्यमंत्री ने बताया कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए गए थे। इनमें से करीब नौ लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान की खनिज संपदा, कृषि विविधता और औद्योगिक संभावनाएं प्रदेश को निवेश के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित कर सकती हैं।
भ्रष्टाचार पर सख्ती, 381 कार्मिक निलंबित
पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता संभालने के समय प्रदेश में पेपरलीक, भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था जैसी कई चुनौतियां थीं। मौजूदा सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। इसके तहत 381 अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित किया गया है, जबकि करीब 700 कार्मिकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान और अटल ज्ञान केंद्र
ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि गांवों में ही लोगों को शिक्षा, रोजगार और जरूरी सुविधाएं मिलें, ताकि शहरों की ओर पलायन कम हो। इसी उद्देश्य से प्रत्येक ग्राम पंचायत में चरणबद्ध तरीके से खेल मैदान और अटल ज्ञान केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर ग्रामीण युवाओं को ई-लाइब्रेरी और ई-मित्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
प्रति व्यक्ति आय 2.05 लाख रुपये पहुंची
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 2 लाख 5 हजार रुपये हो गई है, जबकि पूर्ववर्ती सरकार के समय यह करीब 1 लाख 34 हजार रुपये थी। उन्होंने बताया कि लगभग 20 लाख महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं और लाडो प्रोत्साहन योजना से करीब 10 लाख बालिकाओं को लाभ मिला है। बालिकाओं को 46 हजार स्कूटी और 13 लाख से अधिक साइकिल वितरित की गई हैं।
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किसानों के लिए उन्होंने कहा कि केंद्र की 6 हजार रुपये की पीएम किसान सम्मान निधि के अतिरिक्त राज्य सरकार 3 हजार रुपये दे रही है। इसे बढ़ाकर कुल 12 हजार रुपये सालाना करने की योजना है। किसानों को 67 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ब्याजमुक्त अल्पकालीन फसली ऋण उपलब्ध कराया गया है। गेहूं की एमएसपी पर खरीद के लिए 150 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त बोनस भी दिया जा रहा है।
ईवीएम और एसआईआर पर कांग्रेस को घेरा
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का उद्देश्य सूची को अधिक पारदर्शी और शुद्ध बनाना है। कांग्रेस को आपत्ति है तो उसे तथ्यों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस जहां चुनाव जीतती है, वहां ईवीएम सही और जहां हारती है, वहां गलत बताने लगती है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में सरकार के दो साल के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड पेश करने का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि कई क्षेत्रों में मौजूदा सरकार ने पूर्ववर्ती सरकार के पांच साल के कार्यकाल की तुलना में तीन से 28 गुना तक अधिक काम किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा का लक्ष्य विकसित राजस्थान बनाना है और आने वाले समय में पंजाब में भी भाजपा की सरकार बनेगी।



