पंचायत चुनाव की लॉटरी कल, तय होंगे प्रधान और जिला परिषद मेंबर
राजस्थान पंचायती राज चुनाव 2026 के लिए जिला परिषद सदस्यों, पंचायत समिति सदस्यों और प्रधान पदों के आरक्षण की लॉटरी बुधवार को सभी जिला मुख्यालयों पर निकाली जा रही है। 50 फीसदी महिला आरक्षण के तहत इस बार प्रदेश में 77 हजार से ज्यादा महिला जनप्रतिनिधि चुनी जाएंगी, जबकि नए परिसीमन और रोटेशन लागू होने से कई पुरानी सीटों का समीकरण पूरी तरह बदल जाएगा।
- पंचायत चुनाव 2026 की आरक्षण लॉटरी से तय होंगे प्रधान, पंचायत समिति और जिला परिषद मेंबर।
- 77 हजार से ज्यादा महिलाएं बनेंगी जनप्रतिनिधि, 50 फीसदी आरक्षण का मिलेगा लाभ।
- रोटेशन और परिसीमन के चलते बदलेगा सीटों का आरक्षण, 26 सितंबर को चुनाव की घोषणा संभव।
Panchayat election lottery tomorrow : राजस्थान पंचायती राज चुनाव 2026 के लिए जिला परिषद सदस्यों, पंचायत समिति सदस्यों और प्रधान पदों के आरक्षण की लॉटरी बुधवार को सभी जिला मुख्यालयों पर निकाली जा रही है। 50 फीसदी महिला आरक्षण के तहत इस बार प्रदेश में 77 हजार से ज्यादा महिला जनप्रतिनिधि चुनी जाएंगी, जबकि नए परिसीमन और रोटेशन लागू होने से कई पुरानी सीटों का समीकरण पूरी तरह बदल जाएगा।
यह भी पढ़ें ; रामदेवरा आएंगे CM भजनलाल, मंदिर में करेंगे पूजा
लॉटरी प्रक्रिया के तहत बुधवार को 1,403 जिला परिषद सदस्यों, 8,245 पंचायत समिति सदस्यों और 457 प्रधानों के पदों का आरक्षण तय किया जा रहा है, जबकि 41 जिला प्रमुखों की लॉटरी पहले ही निकाली जा चुकी है। इसके तुरंत बाद 24 सितंबर को उपखंड स्तर पर सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण लॉटरी का आयोजन होगा। दो दिनों की इस कसरत से कुल 1.55 लाख जनप्रतिनिधियों का भाग्य तय होगा।
इस बार पंचायती राज व्यवस्था में आरक्षण रोटेशन प्रणाली के आधार पर लागू किया जा रहा है। इसका सीधा मतलब यह है कि जो वार्ड या पंचायत समिति पिछले चुनाव में जिस वर्ग के लिए आरक्षित थी, इस बार उसका वर्ग बदल जाएगा। पुरानी आरक्षित सीटें इस बार सामान्य श्रेणी में आ सकती हैं, जबकि पहले की सामान्य सीटें इस बार आरक्षित की जा सकती हैं। इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का आरक्षण ओबीसी आयोग की सिफारिशों और जनसांख्यिकीय आंकड़ों के आधार पर तय होगा।
यह भी पढ़ें ; निकाय चुनाव में ‘भजनलाल मॉडल’ का डंका, कांग्रेस के गढ़ ढहे, बीजेपी की ऐतिहासिक जीत
प्रदेश में हाल ही में हुए परिसीमन के बाद जिला परिषदों, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों के वार्डों के नक्शे में व्यापक फेरबदल हुआ है। सीमाओं के पुनर्गठन के कारण इस बार अधिक जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे। विशेषज्ञों और सूत्रों की मानें तो 23 और 24 सितंबर को लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 26 सितंबर तक पंचायत चुनावों के औपचारिक कार्यक्रम और तारीखों की घोषणा की जा सकती है।



