देश में उद्योग-केंद्रित प्रशिक्षण का मॉडल है भुवनेश्वर का वर्ल्ड स्किल सेंटर
भुवनेश्वर का वर्ल्ड स्किल सेंटर युवाओं को उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर जोर दे रहा है। आधुनिक मशीनों, एडवांस सॉफ्टवेयर, रोबोटिक्स, एआई और ऑटोमेशन जैसी तकनीकों की ट्रेनिंग के साथ छात्रों को व्यावहारिक अनुभव दिया जाता है। ITI और पॉलिटेक्निक विद्यार्थियों के लिए फिनिशिंग स्कूल के रूप में काम कर रहा यह केंद्र देश में कौशल विकास का अनोखा मॉडल पेश करता है।
- युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण
- स्किल डेवलपमेंट के तहत उद्योग की जरूरतों के अनुसार पाठ्यक्रम
- देश का इस तरह का इकलौता भव्य सेंटर
दीपक मेहता
भुवनेश्वर। ओडिशा के वर्ल्ड स्किल सेंटर युवाओं को आधुनिक तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर देश-विदेश के रोजगार अवसरों के लिए तैयार कर रहा है। उद्योग की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम, अत्याधुनिक लैब और प्रशिक्षकों की तकनीकी क्षमता पर जोर इसके मॉडल को खास बनाता है। SD&TE विभाग की स्पेशल सेक्रेटरी संतोषी साहू ने हाल ही में WSC की COO के रूप में जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
सेंटर की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर संतोषी साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि युवाओं को बदलते रोजगार बाजार के लिए तैयार करने की दिशा में वर्ल्ड स्किल सेंटर (WSC) एक आधुनिक कौशल विकास केंद्र के तौर पर काम कर रहा है। यहां प्रशिक्षण को केवल कक्षा तक सीमित रखने के बजाय तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव पर विशेष ध्यान दिया जाता है। केंद्र का उद्देश्य ऐसे युवाओं को तैयार करना है, जो देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध रोजगार के अवसरों के लिए आवश्यक कौशल हासिल कर सकें। इसके लिए सेंटर में आधुनिक लैब, प्रशिक्षण कक्ष और तकनीक आधारित सुविधाओं को महत्व दिया गया है।

WSC की एक खास बात इसका उद्योग-केंद्रित प्रशिक्षण मॉडल है। पाठ्यक्रमों को रोजगार बाजार और इंडस्ट्री की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है, ताकि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवाओं के पास वास्तविक कार्यस्थल से जुड़ी समझ भी हो।
डॉ. सुभंगा किशोर दास सेंटर के प्रिंसपल ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ल्ड स्किल सेंटर का मॉडल अब दूसरे राज्यों के लिए भी एक संदर्भ के रूप में देखा जा रहा है। इसका फोकस युवाओं को ऐसी तकनीकी और व्यावहारिक क्षमताएं देने पर है, जिनकी मौजूदा रोजगार बाजार में जरूरत है।
वर्ल्ड स्किल सेंटर के बारे में जानकारी :

इस सेंटर का उद्घाटन ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक द्वारा 5 मार्च 2021 को बीजू पटनायक की जयंती पर किया गया था। यह भुवनेश्वर के मंचेश्वर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित है। यह 18 मंजिला आधुनिक इमारत में बना है जो लगभग 4.5 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैली हुई है। इस बहुमंजिला सरकारी प्रशिक्षण केंद्र की छत पर एक सक्रिय हेलीपैड भी बनाया गया है, जो इसकी भव्यता और आधुनिकता को दर्शाता है। सेंटर के अंदर एक अत्याधुनिक कौशल संग्रहालय बनाया गया है, जो आने वाले छात्रों को वैश्विक स्तर की तकनीकों से रूबरू कराता है।
इस परियोजना को एशियाई विकास बैंक (ADB) की सहायता से विकसित किया गया है, जिसमें सिंगापुर का ITEES (Institute of Technical Education Services) नॉलेज पार्टनर (ज्ञान भागीदार) है। यह मुख्य रूप से ITI और पॉलिटेक्निक के छात्रों के लिए एक ‘फिनिशिंग स्कूल’ के रूप में काम करता है, ताकि उन्हें उद्योगों की आधुनिक जरूरतों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग दी जा सके। यहाँ की प्रयोगशालाएँ (Labs) अंतर्राष्ट्रीय मानकों की हैं, जहाँ छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान (Hands-on training) दिया जाता है।
स्टेट-ऑफ-द-आर्ट लैब्स और टेक्नोलॉजी (Advanced Labs)

यहाँ उद्योगों में इस्तेमाल होने वाली असली मशीनों और सॉफ्टवेयर पर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाती है:
फ्यूचर लैब्स (Future Labs): जहाँ छात्र रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन की लाइव ट्रेनिंग लेते हैं।
AR/VR लर्निंग सेंटर
अत्याधुनिक लर्निंग रिसोर्स सेंटर जहाँ ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) और वर्चुअल रियलिटी (VR) टूल्स के जरिए जटिल इंजीनियरिंग कॉन्सेप्ट्स को आसानी से सिखाया जाता है।
हाई-एंड CNC मशीनरी लैब्स
मैकेनिकल और प्रिसिजन इंजीनियरिंग के लिए एडवांस 5-एक्सिस CNC मशीनें, लेज़र कटिंग और टर्निंग मशीनें उपलब्ध हैं।
एडवांस सॉफ्टवेयर

छात्रों को इंडस्ट्री-मानक सॉफ्टवेयर जैसे AutoCAD, CATIA, Solidworks, Unigraphics और MasterCAM पर ट्रेनिंग दी जाती है।
मुफ्त आवासीय सुविधाएं (Free Residential Facilities)
यहाँ दूर-दराज से आने वाले छात्रों के लिए सरकार द्वारा कई सुविधाएं पूरी तरह से मुफ्त (Free) दी जाती हैं।
लड़कों और लड़कियों के लिए कैंपस के पास सुरक्षित और आधुनिक हॉस्टल की व्यवस्था है, जहाँ 24/7 सुरक्षा और वाई-फाई उपलब्ध है। हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के लिए भोजन (Mess facility) की व्यवस्था पूरी तरह से निःशुल्क है।
सेंटर मुख्य रूप से दो विभागों (Schools) के तहत उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रम प्रदान करता है:

1. स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग (School of Engineering)
इसके तहत मेकाट्रॉनिक्स (रोबोटिक्स), इलेक्ट्रिकल टेक्नोलॉजी, प्रिसिजन इंजीनियरिंग, रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग और वर्टिकल ट्रांसपोर्टेशन जैसे एडवांस कोर्स कराए जाते हैं।
2.स्कूल ऑफ सर्विसेज (School of Services):

इसके अंतर्गत ब्यूटी एंड वेलनेस और हेयर फैशन एंड डिजाइन जैसे आधुनिक सर्विस सेक्टर के कोर्स शामिल हैं।
वर्तमान इंजीनियरिंग कोर्सेज (मेकाट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स, एयर कंडीशनिंग) के अलावा, भुवनेश्वर सेंटर में अब सेमीकंडक्टर (Semiconductor) और एविएशन (Aviation/उड्डयन) ट्रेनिंग शुरू करने पर काम चल रहा है। सेंटर ने हाल ही में उन्नत कौशल विकास (Advanced Skill Development) को बढ़ावा देने के लिए कई प्रमुख सरकारी व निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के साथ 25 से अधिक समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं।
हाल ही में नीति आयोग ने अपनी रिपोर्ट ‘Reimagining Skilling for Viksit Bharat@2047’ में भुवनेश्वर के वर्ल्ड स्किल सेंटर को भारत के कौशल पारिस्थितिकी तंत्र (Skilling Ecosystem) को बदलने के लिए एक बेहतरीन मॉडल के रूप में सराहा है। यह सेंटर ‘वर्ल्ड स्किल्स कॉम्पिटिशन’ (World Skills Competition) के लिए ओडिशा के युवाओं को तैयार करने वाली नोडल एजेंसी भी है।

वर्ल्ड स्किल सेंटर में राजस्थान के पत्रकार दल ने किया दौरा

सीओओ को प्रतीक चिन्ह भेंट करते पीआईबी जयपुर के उप निदेशक धर्मेश भारती।



