अब दिल्ली ही नहीं, देश के खूबसूरत टूरिस्ट स्पॉट्स पर सजेगी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की महफिल
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों को पारंपरिक सम्मेलन कक्षों से बाहर निकालकर देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक ले जाने की तैयारी है। राज्यों से अपने बेहतरीन पर्यटन स्थलों के प्रस्ताव मांगे गए हैं। चयनित राज्य में सुविधाओं और विकास की योजना के साथ अगला समारोह आयोजित होगा। इससे फिल्म और पर्यटन को जोड़ने का प्रयास होगा।
- राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार अब दिल्ली से बाहर देश के प्रमुख टूरिस्ट स्पॉट्स पर आयोजित होंगे।
- केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सभी राज्यों से मांगे सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थलों के प्रस्ताव।
- फिल्म और पर्यटन का संगम बढ़ाएगा स्थानीय विकास और आम लोगों से जुड़ाव।
National Film Awards to Move to Tourism Destinations : राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के आयोजन को लेकर केंद्र सरकार ने नई पहल की है। अब यह समारोह केवल पारंपरिक सम्मेलन कक्षों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यों से इस संबंध में अपने सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थलों के प्रस्ताव भेजने का आग्रह किया है।

मंत्री ने कहा कि जिस राज्य के पर्यटन स्थल का प्रस्ताव चुना जाएगा, वहां आगामी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह आयोजित किया जाएगा। प्रस्ताव में आयोजन के लिए बेहतर सुविधाओं के साथ-साथ संबंधित पर्यटन स्थल के समग्र विकास की योजना भी शामिल करनी होगी।
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अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों को देश के अलग-अलग हिस्सों और आम लोगों के करीब ले जाना है। उनके मुताबिक, फिल्म और पर्यटन को साथ जोड़ने से पर्यटन स्थलों को भी व्यापक पहचान मिल सकती है।
उन्होंने गुजरात के एकता नगर का उदाहरण देते हुए कहा कि यह स्थान अपनी विशेष पहचान बना चुका है। यहां सरदार वल्लभभाई पटेल की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित है। ऐसे पर्यटन स्थल पर राष्ट्रपति, फिल्म जगत की प्रमुख हस्तियों और देशभर से आने वाले लोगों की मौजूदगी से उस स्थान के बारे में लोगों की रुचि और बढ़ सकती है।
मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय कार्यक्रमों को देश के अलग-अलग हिस्सों तक ले जाने की सोच पहले भी सामने आई है। उन्होंने जी-20 के दौरान भारत के विभिन्न राज्यों में आयोजित कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के लिए भी इसी तरह व्यापक स्तर पर आयोजन की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं।
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वैष्णव के अनुसार, इस पहल के जरिए यह समझने का प्रयास किया जा रहा है कि फिल्म उद्योग और पर्यटन क्षेत्र को किस तरह एक-दूसरे से जोड़ा जा सकता है। उनका कहना है कि पुरस्कार समारोह को वास्तविक पर्यटन स्थलों तक ले जाने से आयोजन का दायरा बढ़ेगा और चुने गए स्थानों को भी अतिरिक्त अवसर मिल सकते हैं।



