जल सुरक्षा पर उपराष्ट्रपति का जोर
नई दिल्ली में भारत अंतरराष्ट्रीय जल सप्ताह 2026 का आगाज हुआ। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने जल सुरक्षा को जन और राष्ट्र सुरक्षा से जोड़ते हुए संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाने पर जोर दिया। इस साल कार्यक्रम की थीम ‘जलवायु अनुकूल जल प्रबंधन’ है, जिसमें देश-विदेश के विशेषज्ञ, राज्य और संस्थाएं जल संकट के समाधान पर चर्चा करेंगे।
- भारत अंतरराष्ट्रीय जल सप्ताह में जल सुरक्षा और संरक्षण पर जोर।
- उपराष्ट्रपति ने जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील की।
- जलवायु अनुकूल जल प्रबंधन पर देश-विदेश के विशेषज्ञ मंथन करेंगे।
India Water Week 2026 Begins : भारत अंतरराष्ट्रीय जल सप्ताह 2026 का मंगलवार को भारत मंडपम में शुभारंभ हुआ। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि जल सुरक्षा सीधे जन सुरक्षा और राष्ट्र सुरक्षा से जुड़ी है। उन्होंने पानी के संरक्षण और बेहतर प्रबंधन के लिए लोगों की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत बताई।

इस साल आयोजन की थीम ‘जलवायु अनुकूल जल प्रबंधन’ रखी गई है। 22 से 26 सितंबर तक चलने वाले कार्यक्रम में नीदरलैंड्स और जर्मनी साझेदार देश के रूप में शामिल हैं। 14 राज्य और छह केंद्रीय मंत्रालय भी आयोजन का हिस्सा हैं।
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उपराष्ट्रपति ने तमिलनाडु में अपने पुराने अनुभवों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जल संकट को करीब से देखा है। उन्होंने नदियों को जोड़ने, जल संरक्षण और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के लिए जागरूकता की जरूरत पर भी जोर दिया।
जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि पानी साझा संसाधन है और इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी साझा है। उन्होंने जल जीवन मिशन का जिक्र करते हुए बताया कि ग्रामीण परिवारों तक नल से जल की पहुंच में पिछले वर्षों में बड़ा विस्तार हुआ है।
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कार्यक्रम में टिकाऊ शहरी नदी प्रबंधन और एआई-आधारित जलाशय गाद प्रबंधन से जुड़े तकनीकी दस्तावेज भी जारी किए गए। आयोजन के दौरान जल प्रबंधन की नई तकनीकों और समाधानों पर प्रदर्शनी तथा वॉश सम्मेलन भी हो रहा है।



